LPG Cylinder New Rate : देश के करोड़ों परिवारों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती कर दी गई है, जिससे आम लोगों को सीधे तौर पर फायदा मिलने वाला है। आज के समय में रसोई गैस हर घर की सबसे जरूरी जरूरतों में शामिल है। चाहे शहर हो या गांव, ज्यादातर घरों में खाना गैस सिलेंडर पर ही बनता है। ऐसे में जब भी सिलेंडर के दाम बढ़ते हैं तो सबसे पहले असर घर के बजट पर पड़ता है। लेकिन इस बार कीमतों में कमी ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी है। बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा के सामान तक सब कुछ महंगा हो चुका है। ऐसे माहौल में गैस सिलेंडर सस्ता होना किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
नई दरें और शहरों में अंतर
तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू गैस सिलेंडर की नई दरें जारी कर दी हैं। हालांकि अलग-अलग शहरों में कीमतों में थोड़ा फर्क देखने को मिल सकता है। इसकी वजह है स्थानीय टैक्स, वैट और ट्रांसपोर्ट का खर्च, जो हर राज्य में अलग-अलग होता है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में नई दरें लागू हो चुकी हैं और वहां के उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलने लगा है। अगर एक सामान्य परिवार महीने में एक सिलेंडर इस्तेमाल करता है तो उसे हर महीने कुछ सौ रुपये तक की बचत हो सकती है। वहीं जिन घरों में ज्यादा खाना बनता है और महीने में दो सिलेंडर लग जाते हैं, उनके लिए सालभर में यह बचत काफी बड़ी रकम बन सकती है। आम आदमी के लिए छोटी-छोटी बचत भी मायने रखती है, खासकर तब जब महंगाई लगातार बढ़ रही हो।
कीमतों में कमी के कारण
अब सवाल उठता है कि आखिर गैस सिलेंडर के दाम कम क्यों हुए? इसके पीछे मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी को माना जा रहा है। जब वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल सस्ता होता है तो उसका असर एलपीजी की कीमतों पर भी पड़ता है। इसके अलावा सरकार की नीतियां और सब्सिडी से जुड़ी व्यवस्थाएं भी कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद करती हैं। कई बार अंतरराष्ट्रीय हालात, जैसे युद्ध, आपूर्ति में कमी या भू-राजनीतिक तनाव, तेल की कीमतों को प्रभावित करते हैं। फिलहाल बाजार में थोड़ी स्थिरता देखने को मिली है, जिसका फायदा उपभोक्ताओं को मिला है। हालांकि यह भी सच है कि तेल की कीमतें कभी भी बदल सकती हैं, इसलिए भविष्य में क्या होगा यह पूरी तरह वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
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उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को फायदा
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने वाले परिवारों के लिए यह खबर और भी खास है। पहले से ही इन लाभार्थियों को सब्सिडी का फायदा मिलता है, जिससे उन्हें सिलेंडर रिफिल कराने में कम खर्च करना पड़ता है। अब जब बेस कीमत ही कम हो गई है, तो उनका बोझ और हल्का हो जाएगा। ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह राहत बहुत मायने रखती है। कई घरों में पहले सिलेंडर महंगा होने की वजह से लोग दोबारा लकड़ी या कोयले का इस्तेमाल करने लगते थे, जिससे स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता था। लेकिन अब कम कीमत के कारण लोग बिना ज्यादा सोच-विचार के गैस रिफिल करा सकेंगे और साफ-सुथरे ईंधन का इस्तेमाल जारी रख पाएंगे।
बचत के सरल उपाय
हालांकि कीमतों में कमी हुई है, फिर भी गैस की बचत करना हमेशा समझदारी भरा कदम है। अगर कुछ छोटी-छोटी आदतें बदल ली जाएं तो सिलेंडर ज्यादा दिन तक चल सकता है। जैसे प्रेशर कुकर में खाना बनाने से गैस की खपत कम होती है। बर्तन को ढककर पकाने से गर्मी बाहर नहीं निकलती और खाना जल्दी बनता है। हमेशा मध्यम आंच पर खाना पकाने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि तेज आंच से गैस ज्यादा खर्च होती है लेकिन खाना जल्दी जरूरी नहीं कि बेहतर बने। खाना बनाने से पहले सारी सामग्री तैयार रखने से भी गैस की बचत होती है, क्योंकि बार-बार गैस ऑन-ऑफ करने से खपत बढ़ती है। इन आसान तरीकों से महीने में अच्छी बचत की जा सकती है। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में आई कमी ने आम लोगों को बड़ी राहत दी है। इसका सीधा असर घर के बजट पर पड़ेगा और परिवार अपनी बचत को दूसरी जरूरी जरूरतों में इस्तेमाल कर सकेंगे। महंगाई के दौर में यह कदम सकारात्मक माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में भी सरकार और तेल कंपनियां कीमतों को संतुलित रखने की कोशिश करेंगी ताकि आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। फिलहाल तो उपभोक्ता इस राहत का आनंद ले सकते हैं और अपने घरेलू खर्च को थोड़ा बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतें समय-समय पर बदलती रहती हैं और अलग-अलग शहरों में दरें अलग हो सकती हैं। सटीक और ताज़ा जानकारी के लिए संबंधित तेल विपणन कंपनी या उसकी आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि अवश्य करें।









