IMD Weather Alert – देश में एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ताजा चेतावनी के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है। मोंथा तूफान और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की वजह से देश के कई हिस्सों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और आंधी की संभावना जताई गई है। खासकर उत्तर भारत में जहां अभी तक कड़ाके की ठंड पड़ रही थी, वहां अब बेमौसम बारिश ने हालात और मुश्किल कर दिए हैं। मौसम का यह बदला हुआ मिजाज सिर्फ आम लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि किसानों के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकता है।
अगले 24 से 72 घंटे बेहद अहम
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 72 घंटों के बीच देश के करीब 13 राज्यों में मौसम खराब रहने का अनुमान है। कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी हो रही है और उसका असर अब मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। ठंडी हवाओं और शीतलहर ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का असर
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश का दौर जारी है। सड़कों पर बर्फ जमने से यातायात प्रभावित हुआ है और कई ऊंचाई वाले इलाकों में आवागमन रोक दिया गया है। लगातार बर्फबारी के कारण ठंड और बढ़ गई है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों को जरूरी काम के अलावा घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
मैदानी इलाकों में बदला मौसम
पहाड़ों पर हो रही इस हलचल का सीधा असर मैदानी राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। यहां आसमान में बादल छाए हुए हैं और कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो चुकी है। तेज हवाओं के कारण ठंड और बढ़ गई है। सुबह-शाम को कोहरा भी बढ़ सकता है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भी तेज बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
दक्षिण भारत में मोंथा तूफान का प्रभाव
दक्षिण भारत में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव का क्षेत्र अब मोंथा तूफान में बदल चुका है। इसका असर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में ज्यादा देखने को मिल सकता है। इन राज्यों के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है, इसलिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। कई जिलों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और राहत दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्वी राज्यों में भी अलर्ट
पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों जैसे ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है। यहां पर निचले इलाकों में जलभराव की समस्या खड़ी हो सकती है। स्कूलों और दफ्तरों के समय में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है ताकि लोगों को परेशानी न हो। लगातार बदलते मौसम के कारण तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है।
किसानों के लिए बढ़ी चिंता
इस अचानक बदले मौसम का सबसे ज्यादा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है। इस समय कई राज्यों में रबी की फसलें जैसे गेहूं, सरसों और चना खेतों में तैयार हो रही हैं। तेज बारिश और ओलावृष्टि से इन फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर फसलों की सुरक्षा के उपाय करें। जिन इलाकों में ओले गिरने की संभावना है, वहां किसानों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रशासन और लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। जिन इलाकों में तेज हवाएं और बारिश की संभावना है, वहां बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। कुल मिलाकर मोंथा तूफान और पश्चिमी विक्षोभ का यह असर आने वाले कुछ दिनों तक लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
Disclaimer
यह लेख भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों और पूर्वानुमानों पर आधारित है। मौसम की स्थिति समय के साथ बदल सकती है। किसी भी प्रकार की यात्रा, कृषि या अन्य निर्णय लेने से पहले स्थानीय प्रशासन और आधिकारिक मौसम अपडेट अवश्य देखें।









